Description हिंदू धर्म में तुलसी (Tulsi) का बहुत महत्‍व है. रोजाना तुलसी को जल चढ़ाने, शाम को तुलसी के पौधे के नीचे दीपक लगाने से लेकर तुलसी खाने और उसकी माला पहनने तक इससे जुड़ी कई चीजें भारतीय परंपरा का अहम हिस्‍सा हैं. वैज्ञानिक लिहाज से भी तुलसी के कई फायदे हैं. आज तुलसी से जुड़े एक ऐसे ही लाभ की बात करते हैं जो व्‍यक्ति के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य (Mental Health) से जुड़ा है. यह कनेक्‍शन तुलसी की माला (Tulsi Mala) पहनने और उससे मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य बेहतर होने का है. आमतौर पर भगवान विष्णु और कृष्ण के भक्त तुलसी के बीजों की माला धारण किए हुए नजर आते हैं. 2 तरह की होती है तुलसी  तुलसी मोटे तौर पर 2 तरह की होती है- श्यामा तुलसी और रामा तुलसी. श्यामा तुलसी के बीजों की माला पहनने से मानसिक शांति मिलती है और मन में पॉजिटिविटी आती है. इससे आध्यात्मिक के साथ ही साथ पारिवारिक और भौतिक उन्नति भी होती है. यह ईश्वर के प्रति श्रद्धा और भक्ति भाव बढ़ाती है. वहीं रामा तुलसी की माला पहनने से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है और सात्विक भावनाएं जागृत होती हैं. इससे उसे अपने कर्तव्यों का पालन करने में मदद मिलती है. तुलसी की माला पहनने के फायदे  – तुलसी की माला पहनने से मन शांत और आत्मा पवित्र होती है.  – यह माला पहनने से शरीर निर्मल होता है, जीवनशक्ति बढ़ती है. व्यक्ति को पाचन शक्ति, बुखार, जुकाम, सिरदर्द, स्किन इंफेक्शन, दिमाग की बीमारियों और गैस से संबंधित कई बीमारियों (Disease) में राहत मिलती है. यह संक्रमण से होने वाली बीमारियों से भी बचाती है. – तुलसी एक अद्‍भुत औषधि है, इससे ब्लड प्रेशर और डाइजेशन बेहतर होता है. तुलसी को धारण करने से शरीर में विद्युतशक्ति का प्रवाह बढ़ता है. गले में तुलसी की माला पहनने से विद्युत तरंगे निकलती हैं जो ब्‍लड सर्कुलेशन में रुकावट नहीं आने देती हैं. इसके अलावा मलेरिया और कई प्रकार के बुखारों में तुलसी बहुत फायदेमंद होती है. – तुलसी की माला पहनने से मानसिक शांति मिलती है. इसे गले में पहनने से जरूरी एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स पर प्रेशर पड़ता है, जिससे मानसिक तनाव में फायदा होता है. यह मेमोरी को बढ़ाने में भी मदद करती है. यह एंटीबायोटिक, दर्द-निवारक और इम्‍यूनिटी क्षमता बढ़ाने में भी फायदेमंद होती है. – पीलिया होने पर तुलसी की माला पहनना सेहत के लिए अच्‍छा माना जाता है. कहते हैं कि कॉटन के सफेद धागे में तुलसी की लकड़ी बांध कर पहना जाए तो पीलिया रोग
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